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हिंदी व्याकरण हिंदी भाषियों के लिए

A1 स्तर शुरुआती हिंदी व्याकरण

17 विषय

देवनागरी लिपि और मूल वर्तनी से जुड़े व्याकरणिक रूप

हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। स्वर, व्यंजन, मात्रा, अनुस्वार, अनुनासिक और विसर्ग जैसे चिह्न शब्द के रूप और उच्चारण दोनों को प्रभावित करते हैं।

  • कमल
  • किताब
  • मैं घर जा रहा हूँ।

वाक्य क्रम: कर्ता + कर्म + क्रिया

हिंदी का सामान्य वाक्य क्रम कर्ता + कर्म + क्रिया है। क्रिया प्रायः वाक्य के अंत में आती है, और समय/स्थान जैसी सूचनाएँ क्रिया से पहले रखी जा सकती हैं।

  • राम आम खाता है।
  • मैं स्कूल जाता हूँ।
  • सीमा किताब पढ़ती है।

ध्यान दें: अंग्रेज़ी क्रम की तरह 'मैं खाता हूँ आम' कहना सामान्य हिंदी में स्वाभाविक नहीं है; सामान्य क्रम है 'मैं आम खाता हूँ।'

संज्ञा: लिंग, वचन और कारक

संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम है। हिंदी में संज्ञा का लिंग, वचन और कारक वाक्य में विशेषण, परसर्ग और क्रिया-सहमति को प्रभावित कर सकते हैं।

  • लड़का खेलता है।
  • लड़की खेलती है।
  • बच्चे कमरे में हैं।

पुल्लिंग और स्त्रीलिंग संज्ञाएँ

हिंदी में कई संज्ञाएँ पुल्लिंग या स्त्रीलिंग होती हैं। कुछ शब्दों का लिंग अर्थ से स्पष्ट होता है, लेकिन बहुत से निर्जीव शब्दों का लिंग याद रखना पड़ता है।

  • लंबा रास्ता
  • लंबी सड़क
  • पुराना घर

ध्यान दें: हर वस्तु का लिंग अर्थ से नहीं समझा जा सकता; 'किताब' स्त्रीलिंग है और 'कमरा' पुल्लिंग है।

एकवचन और बहुवचन

एकवचन एक व्यक्ति या वस्तु को दिखाता है, और बहुवचन एक से अधिक को। कई संज्ञाएँ बहुवचन में अपना रूप बदलती हैं, विशेषकर जब उनके साथ परसर्ग आता है।

  • लड़का आया।
  • लड़के आए।
  • लड़कियाँ खेलती हैं।

सर्वनाम: मैं, तुम, आप, वह, यह, हम, वे

सर्वनाम संज्ञा की जगह प्रयोग होते हैं। हिंदी में दूरी, सम्मान और संख्या के अनुसार सर्वनाम बदलते हैं: यह/वह, ये/वे, तुम/आप आदि।

  • मैं विद्यार्थी हूँ।
  • आप कहाँ रहते हैं?
  • वह मेरा मित्र है।

सम्मानसूचक सर्वनाम और क्रिया-सहमति

'आप' और सम्मानसूचक 'वे' के साथ क्रिया सामान्यतः बहुवचन/सम्मानसूचक रूप लेती है। सम्मान दिखाने के लिए व्यक्ति एक हो सकता है, पर क्रिया बहुवचन जैसी आती है।

  • आप कैसे हैं?
  • गांधीजी महान नेता थे।
  • माँ आ गई हैं।

ध्यान दें: 'आप कैसा है?' गलत है; सम्मानसूचक रूप में सामान्यतः 'आप कैसे हैं?' कहा जाता है।

संकेतवाचक सर्वनाम: यह, वह, ये, वे

यह/ये निकट वस्तु या व्यक्ति के लिए और वह/वे दूर या संदर्भित वस्तु/व्यक्ति के लिए प्रयोग होते हैं। बोलचाल में 'ये' और 'वे' सम्मानसूचक एकवचन के लिए भी आ सकते हैं।

  • यह मेरी किताब है।
  • वह तुम्हारा घर है।
  • ये मेरे शिक्षक हैं।

प्रश्नवाचक शब्द: कौन, क्या, कहाँ, कब, क्यों, कैसे, कितना

प्रश्नवाचक शब्द सूचना माँगने के लिए प्रयोग होते हैं। हिंदी में ये शब्द अक्सर उसी स्थान पर रहते हैं जहाँ उत्तर आएगा, इसलिए वाक्य क्रम अंग्रेज़ी की तरह उलटना आवश्यक नहीं होता।

  • तुम कहाँ जा रहे हो?
  • वह कौन है?
  • यह कितना महँगा है?

विशेषण और संज्ञा से उनका मेल

विशेषण संज्ञा की विशेषता बताते हैं। -आ पर समाप्त होने वाले कई विशेषण संज्ञा के लिंग और वचन के अनुसार बदलते हैं: अच्छा, अच्छी, अच्छे।

  • अच्छा लड़का
  • अच्छी लड़की
  • अच्छे बच्चे

ध्यान दें: सभी विशेषण नहीं बदलते; 'सुंदर लड़का' और 'सुंदर लड़की' दोनों सही हैं।

संख्याएँ और परिमाणवाचक शब्द

संख्याएँ मात्रा बताती हैं, जबकि परिमाणवाचक शब्द जैसे कुछ, कई, थोड़ा, बहुत अनुमानित मात्रा बताते हैं। ये संज्ञा के साथ मिलकर संख्या या मात्रा स्पष्ट करते हैं।

  • दो किताबें
  • कुछ लोग
  • थोड़ा पानी

परसर्ग: में, पर, से, को, का/की/के, तक, के लिए

हिंदी में अंग्रेज़ी prepositions की तरह शब्द संज्ञा से पहले नहीं, बल्कि संज्ञा/सर्वनाम के बाद आते हैं; इन्हें परसर्ग कहते हैं। वे स्थान, दिशा, संबंध, साधन और उद्देश्य दिखाते हैं।

  • घर में
  • मेज़ पर
  • दिल्ली से
  • राम को

संबंध कारक: का, की, के

का/की/के संबंध या स्वामित्व बताते हैं। इनका रूप उस वस्तु के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है जो संबंध में है, न कि मालिक के अनुसार।

  • राम का घर
  • सीमा की किताब
  • बच्चों के खिलौने

ध्यान दें: 'राम की घर' गलत है, क्योंकि 'घर' पुल्लिंग है; सही रूप 'राम का घर' है।

कर्ता और कर्म चिह्न को का मूल प्रयोग

'को' निश्चित व्यक्ति/कर्म, अप्रत्यक्ष कर्म और कई अनुभवकर्ता संरचनाओं में आता है। शुरुआत में इसे 'किसे?' या 'किसको?' के उत्तर से पहचानना उपयोगी है।

  • मैंने राम को देखा।
  • मुझे पानी दो।
  • सीमा को हिंदी आती है।

होना क्रिया: हूँ, है, हैं, था, थे

'होना' हिंदी की सबसे बुनियादी क्रिया है। यह पहचान, अवस्था, स्थान और काल बताने के लिए प्रयोग होती है और कर्ता के व्यक्ति, संख्या और सम्मान के अनुसार बदलती है।

  • मैं घर पर हूँ।
  • वह डॉक्टर है।
  • वे कल यहाँ थे।

वर्तमान सामान्य काल

वर्तमान सामान्य काल आदत, सामान्य सत्य और नियमित क्रिया दिखाता है। इसका सामान्य ढाँचा क्रिया-मूल + ता/ती/ते + होना है।

  • मैं रोज़ पढ़ता हूँ।
  • वह चाय पीती है।
  • बच्चे खेलते हैं।

वर्तमान अपूर्ण / प्रगतिशील काल: रहा है

यह रूप अभी चल रही या अस्थायी क्रिया दिखाता है। ढाँचा है: क्रिया-मूल + रहा/रही/रहे + होना।

  • मैं पढ़ रहा हूँ।
  • सीमा गाना गा रही है।
  • बच्चे बाहर खेल रहे हैं।

व्याकरण को जीवंत संदर्भ में लाएं

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